ब्रेकिंग
जवाहर मार्केट में पारख ज्वेलर्स के स्टोर में लगी आग, दमकल टीम ने समय रहते पाया काबू CG Weather Alert: प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, जानें आपके जिले में कैसा रहेगा मौसम पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कवर्धा में सिद्धेश्वर महादेव और संकट मोचन हनुमान मंदिर म... महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के घने जंगल में हाई प्रोफाइल जुआ 31 जुआरी दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव से : नक... जुनवानी खमरिया पीएम आवास कॉलोनी में दुर्ग पुलिस की सरप्राइज चेकिंग, गुंडा-बदमाश एवं आपराधिक प्रवृत्त... जवाहर मार्केट में पारख ज्वेलर्स के स्टोर में लगी भीषण आग, दमकल टीम ने समय रहते पाया काबू दुर्ग शहर एवं राष्ट्रीय-राज्य राजमार्गों पर आवारा पशुओं के जमावड़े से बढ़ रही दुर्घटनाएं, निगम आयुक्... पुरानी रंजिश में युवक पर जानलेवा हमला, फरार दोनों आरोपी गिरफ्तार नवयुक्त अधिकारी कर्मचारी कल्याण संघ, दुर्ग की बैठक संपन्न, कर्मचारी हितों एवं संगठन विस्तार पर हुई म... प्रतिबंधित प्लास्टिक के खिलाफ निगम की सख्ती, इंदिरा मार्केट की पांच दुकानों पर कार्रवाई,
छत्तीसगढ़

छुईढोड़ा में दिखा विशालकाय किंग कोबरा…! वन विभाग ने किया सुरक्षित रेस्क्यू…ग्रामीणों में दहशत…यहां देखें VIDEO

कोरबा। राज्य के कोरबा वनमंडल अंतर्गत पसरखेत रेंज के ग्राम छुईढोड़ा में एक विशालकाय किंग कोबरा (King Cobra) के दिखाई देने की सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दिया गया, ग्रामीणों के अनुसार यह दुर्लभ एवं विषैला सर्प अचानक से घर में घुस गया, वही घर के भीतर बैठे लोग इतने बड़े सांप को देख कर डर से चिल्लाते हुए तत्काल बाहर निकल गएl घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी एवं वन्यजीव रेस्क्यू टीम गांव के लिए रवाना हुए।

दुर्लभ किंग कोबरा का सुरक्षित संरक्षण

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख (छ ग) अरुण पांडे के वन्य जीव संरक्षण की नई दिशा एवं मुख्य वन संरक्षक बिलासपुर मनोज पाण्डेय,कोरबा वनमण्डलाधिकारी प्रेमलता यादव के निर्देशानुसार एवं उप वनमण्डलाधिकारी दक्षिण के मार्गदर्शन पर रेस्क्यू अभियान चलाया गया,जितेंद्र सारथी एवं सिद्धांत जैन द्वारा सुरक्षा उपायों एवं प्रोटोकॉल के साथ विशालकाय 11 फिट के किंग कोबरा का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया गया,स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक निरीक्षण के पश्चात सर्प को उसके प्राकृतिक आवास के अनुरूप सुरक्षित वन क्षेत्र में पंचनामा तैयार करने के पश्चात छोड़ दिया गया।

वन विभाग और एनजीओ के सहयोग से आज बीहड़ जंगल क्षेत्रों में रहने वाले लोग भी किंग कोबरा संरक्षण में अपना एहम भूमिका निभा रहे हैं, जहां पहले लोग सांप को मार दिया करते थे वहीं आज उनको बचाने में अपना सहयोग प्रदान कर रहे हैं, जो विभाग के अथक प्रयास को दर्शाता हैं।

रेस्क्यू कार्य को नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी की वन्यजीव रेस्क्यू टीम के सदस्य जितेन्द्र सारथी ,सीनियर फील्ड ऑफिसर सिद्धांत जैन, वन परिक्षेत्र अधिकारी पसरखेत देवदत खांडे, ड्यूटी रेंजर गुलाब सिंह , हरिनारायण बंजारे, पंकज कुमार, कृष्ण कुमार, सरपंच किशन कुमार राठिया, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश कुमार राठिया, सूरज भान राठिया एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि किसी भी वन्यजीव या सर्प के दिखाई देने पर घबराएं नहीं, उसे नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें तथा तत्काल वन विभाग अथवा अधिकृत रेस्क्यू टीम को सूचना दें, वन्यजीवों का संरक्षण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के लिए जागरूकता एवं संवेदनशीलता अत्यंत आवश्यक है।

किंग कोबरा को सुरक्षित पहुंचाया जंगल

किंग कोबरा जंगलों की जैव विविधता को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह अन्य सांपों की संख्या को नियंत्रित कर पारिस्थितिक तंत्र का संतुलन बनाए रखता है। किसी क्षेत्र में किंग कोबरा की उपस्थिति स्वस्थ जंगल, स्वच्छ पर्यावरण और समृद्ध वन्यजीवों का संकेत मानी जाती है। इसलिए किंग कोबरा केवल एक सांप नहीं, बल्कि जंगल और प्रकृति का महत्वपूर्ण संरक्षक है, जिसका संरक्षण हमारी जैव विविधता के लिए अत्यंत आवश्यक है।

किंग कोबरा भारत का सबसे लंबा विषैला सर्प है तथा इसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-1 (Schedule-I) में सर्वोच्च स्तर का कानूनी संरक्षण प्राप्त है। राज्य के एक मात्र जिले में पाये जाने वाले इस सर्प के संरक्षण में जेनेटिक्स व टेलीमेट्री की अती आवश्यकता हैं। एवं कोरबा में इसके संरक्षण के लिए कुछ वाणीय क्षेत्र को संरक्षण क्षेत्र घोषित करना अत्यंत आवश्यक हैं।

कोरबा वन मण्डल में जितेंद्र सारथी एवं उनकी टीम द्वारा वन्यजीव संरक्षण और निगरानी के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। टीम जंगल क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप लगाकर वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रख रही है तथा एंटी-स्नेयर अभियान चलाकर अवैध फंदों को खोजकर हटाने का कार्य कर रही है। इन प्रयासों से वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण को भी मजबूती मिल रही है। वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की रक्षा के लिए टीम का यह समर्पित प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button